का सरल उत्तर
महामृत्युंजय मंत्र को महर्षि वशिष्ठ द्वारा दृष्ट (रचित) माना जाता है — यह ऋग्वेद के सातवें मंडल (७.५९.१२) का श्लोक है जो ऋषियों के गहन समाधि और ध्यान में उद्घाटित हुआ।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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