का सरल उत्तर
महामृत्युंजय साधना में पूर्व दिशा (पूर्वाभिमुख) की ओर मुख करके बैठना चाहिए।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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