महामृत्युंजय मंत्र सिद्धि कैसे करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
महामृत्युंजय = 33 अक्षर → पुरश्चरण = 33 लाख। रुद्राक्ष माला अनिवार्य। सोमवार, महाशिवरात्रि, ग्रहण काल विशेष। हवन: तिल-जौ-दूर्वा-घी। रोगी की ओर से परिवार भी कर सकता है। ध्यान: त्र्यम्बक शिव — तीन नेत्र, चंद्रमौलि। सिद्धि: शरीर में उष्णता, स्वप्न में नीलकंठ दर्शन।
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