का सरल उत्तर
गीता (9.26): पत्ता-फूल-जल भी भक्ति से अर्पित करने पर भगवान प्रसन्न। सुदामा प्रसंग: प्रेम ही असली प्रसाद। षोडशोपचार (16 सेवाएं): अभिषेक से प्रदक्षिणा तक। भागवत (11.11.34): सभी जीवों में भगवान देखना — यही सर्वोच्च पूजा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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