का सरल उत्तर
दर्शन विधि: जूते उतारें → दाएं पैर प्रवेश → घण्टी (1 बार) → ध्वज स्तम्भ प्रणाम → गर्भगृह: चरण→नाभि→हृदय→मुख→नेत्र (Eye Contact = चरम) → प्रणाम → परिक्रमा (दक्षिणावर्त) → प्रसाद/तीर्थ → पीठ न दिखाएँ। भाव: 'भगवान मुझे देख रहे हैं' = दर्शन।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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