का सरल उत्तर
भागवत (11.27): मूर्ति-पूजा प्रारंभिक भक्ति — अंतिम नहीं। आध्यात्मिक महत्व: ईश्वर-सान्निध्य, जीव-ब्रह्म एकता का अभ्यास, संस्कृति-संरक्षण, नवधा भक्ति का आधार, और समत्व-भाव का व्यावहारिक अभ्यास।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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