का सरल उत्तर
भागवत (1.2.6): निष्काम भक्ति से आत्मा प्रसन्न होती है। गीता (5.29): भगवान को परम मित्र जानने से शांति। पूजा से अहंकार विसर्जन, मन एकाग्र, कृतज्ञता और सत्संग — ये सब मिलकर जीवन में स्थायी शांति देते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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