का सरल उत्तर
दिव्य ऊर्जा स्पर्श, आत्मा 'पहचानना', भागवत: रोमहर्ष=अष्ट सात्विक भाव (भक्ति प्रमाण)। मंदिर=शक्तिशाली ऊर्जा क्षेत्र। न हो≠भक्ति कम — सब भिन्न।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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