का सरल उत्तर
सूतक (जन्म) और पातक (मृत्यु): 10-13 दिन मंदिर वर्जित। कारण: शुचिता सिद्धांत — सूक्ष्म ऊर्जा अस्थिर, मंदिर की पवित्रता प्रभावित। स्वच्छता और शोक/देखभाल का समय। शुद्धि: स्नान + गंगाजल + गो-दान। सन्यासी को सूतक नहीं लगता।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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