मंदिर में सुंदरकांड पाठ करवाने का क्या नियम है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
सुंदरकांड नियम: मंगलवार/शनिवार सायंकाल। विधि: स्नान → लाल/केसरिया वस्त्र → हनुमान चालीसा → सम्पूर्ण सुंदरकांड → हनुमान चालीसा → आरती → प्रसाद। विशेष: 7/11/21/40 दिन निरंतर। बीच में न उठें, मोबाइल बन्द। फल: संकट मुक्ति, शनि शान्ति, शत्रु विजय, बाधा निवारण।
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