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तालिका

मंदिर में सुंदरकांड पाठ करवाने का क्या नियम है?

की तालिका

सुंदरकांड नियम: मंगलवार/शनिवार सायंकाल। विधि: स्नान → लाल/केसरिया वस्त्र → हनुमान चालीसा → सम्पूर्ण सुंदरकांड → हनुमान चालीसा → आरती → प्रसाद। विशेष: 7/11/21/40 दिन निरंतर। बीच में न उठें, मोबाइल बन्द। फल: संकट मुक्ति, शनि शान्ति, शत्रु विजय, बाधा निवारण।

क्या करेंक्या न करें
मंगलवार — हनुमान जी का दिन (सर्वश्रेष्ठ)पाठ के बीच में उठें नहीं
शनिवार — हनुमान शनि के कष्ट हरते हैंबातचीत/मोबाइल बन्द
शनिवार रात्रि से रविवार सुबह — कुछ परम्पराओं मेंअशुद्ध उच्चारण से बचें (अभ्यास करें)
कोई भी दिन — संकट/कामना विशेष परबीच में पाठ न छोड़ें — पूरा करें
गणपति वंदना ('श्रीगणेशाय नमः')—
गुरु वंदना—
हनुमान चालीसा (पाठ से पूर्व)—
सुंदरकांड पाठ प्रारम्भ — 'शान्तं शाश्वतमप्रमेयमनघं...' (दोहा)—
सम्पूर्ण सुंदरकांड (दोहा, चौपाई, छंद — सब)—
पाठ के बाद हनुमान चालीसा (पुनः)—
आरती — 'आरती कीजै हनुमान लला की'—
प्रसाद वितरण—
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