सुंदरकांड नियम: मंगलवार/शनिवार सायंकाल। विधि: स्नान → लाल/केसरिया वस्त्र → हनुमान चालीसा → सम्पूर्ण सुंदरकांड → हनुमान चालीसा → आरती → प्रसाद। विशेष: 7/11/21/40 दिन निरंतर। बीच में न उठें, मोबाइल बन्द। फल: संकट मुक्ति, शनि शान्ति, शत्रु विजय, बाधा निवारण।
| क्या करें | क्या न करें |
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| मंगलवार — हनुमान जी का दिन (सर्वश्रेष्ठ) | पाठ के बीच में उठें नहीं |
| शनिवार — हनुमान शनि के कष्ट हरते हैं | बातचीत/मोबाइल बन्द |
| शनिवार रात्रि से रविवार सुबह — कुछ परम्पराओं में | अशुद्ध उच्चारण से बचें (अभ्यास करें) |
| कोई भी दिन — संकट/कामना विशेष पर | बीच में पाठ न छोड़ें — पूरा करें |
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