मंत्र जप के दौरान कौन सा आसन उपयोग करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
जप के लिए: सिद्धासन (सर्वोत्तम — ऊर्जा ऊर्ध्वगामी), पद्मासन (द्वितीय), सुखासन (सामान्य)। नीचे: ऊनी कम्बल/कुशासन (प्लास्टिक वर्जित)। रीढ़ सीधी, माला गोमुखी में। पातञ्जल: स्थिर और सुखद आसन। पूरे अनुष्ठान में एक ही आसन।
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