मंत्र जप में अग्निहोत्र का क्या महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
मंत्र + अग्नि = शक्ति गुणित। पुरश्चरण: दशांश हवन अनिवार्य। ऋग्वेद: 'अग्नि = देवताओं का मुख' — हवन = देवताओं तक मंत्र पहुंचाना। वातावरण शुद्धि। दीपक (घी) = लघु अग्निहोत्र।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
मंत्र विधि
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।