ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

मंत्र जप से आत्मज्ञान कैसे प्राप्त होता है?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

नाम और नामी अभेद (भागवत 11.14.26): जप-परिपाक = साधक-भगवान भेद मिटे। मार्ग: जप → अहंकार-क्षय → सोऽहं (प्रतिदिन 21,600 स्वतः) → तुरीय-बोध। विवेकचूडामणि: जप = श्रवण-मनन-निदिध्यासन की पूर्व-भूमिका। जप प्रत्यक्ष नहीं — भूमि तैयार करता है।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
मंत्र जप

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।