मंत्र जप से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा कैसे आती है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
भागवत (1.2.17-18): नाम-जप से हृदय के अभद्र भाव नष्ट — सकारात्मकता स्वतः। गीता (14.6): जप से सत्वगुण = प्रकाश-आनंद। गीता (17.16): जप = मानस तप — मन-प्रसाद और भाव-शुद्धि। व्यावहारिक: सम्बन्ध-सुधार, स्वास्थ्य, नए अवसर, और भागवत-कृपा।
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मंत्र जप
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