भैरव साधना में 'नमः', 'ह्रीं' और 'क्लीं' की क्या भूमिका है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
तीन मंत्रों की भूमिका: 'नमः' = अहंकार विसर्जन (साधक को शुद्ध करना); 'ह्रीं' = भैरवी शक्ति जागृति (भैरव चेतना तक पहुंचना); 'क्लीं' = जागृत ऊर्जा को सुरक्षा/ज्ञान/समृद्धि के लिए निर्देशित करना।
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भैरव साधना में मंत्रों का संश्लेषण
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