का सरल उत्तर
नमः शिवाय साधना का सर्वोच्च फल है भगवान शिव की अहैतुकी कृपा (परम सिद्धि) — इससे साधक शिवलोक प्राप्त करके जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त होकर शिव-चेतना के साथ एकाकार हो जाता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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