नारायण बलि पूजा कब करवानी चाहिए?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
नारायण बलि = अकाल मृत्यु, प्रेत बाधा, गंभीर पितृ दोष के लिए। त्र्यंबकेश्वर/गया/प्रयागराज में। 3-5 दिन अनुष्ठान। योग्य पुरोहित से करवाएँ। बिना आवश्यकता न करें।
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