विस्तृत उत्तर
नारायण बलि एक विशेष वैदिक अनुष्ठान है जो प्रेत बाधा, अकाल मृत्यु और पितृ दोष निवारण के लिए किया जाता है।
कब करवाएँ
- 1अकाल मृत्यु — दुर्घटना, आत्महत्या, हत्या, सर्पदंश, जलने से मृत्यु — ऐसी अप्राकृतिक मृत्यु पर।
- 2प्रेत बाधा — परिवार में प्रेत योनि संबंधी समस्या।
- 3गंभीर पितृ दोष — सामान्य उपायों से लाभ न हो।
- 4श्राद्ध कभी न किया हो — वर्षों से पितरों का श्राद्ध छोड़ दिया हो।
- 5संतान सुख न हो — पितृ दोष के कारण।
कहाँ: त्र्यंबकेश्वर (नासिक), गया, प्रयागराज, काशी — प्रमुख स्थान।
विधि: 3-5 दिन का अनुष्ठान। योग्य विद्वान ब्राह्मण/पुरोहित से करवाएँ। स्वयं करने का विधान नहीं।
ध्यान दें: यह गंभीर अनुष्ठान है — बिना आवश्यकता न करवाएँ। विश्वसनीय पंडित से परामर्श लें।





