नारायण बलि पूजा कब करवानी चाहिए?
की चेकलिस्ट
नारायण बलि = अकाल मृत्यु, प्रेत बाधा, गंभीर पितृ दोष के लिए। त्र्यंबकेश्वर/गया/प्रयागराज में। 3-5 दिन अनुष्ठान। योग्य पुरोहित से करवाएँ। बिना आवश्यकता न करें।
- 1अकाल मृत्यु — दुर्घटना, आत्महत्या, हत्या, सर्पदंश, जलने से मृत्यु — ऐसी अप्राकृतिक मृत्यु पर।
- 2प्रेत बाधा — परिवार में प्रेत योनि संबंधी समस्या।
- 3गंभीर पितृ दोष — सामान्य उपायों से लाभ न हो।
- 4श्राद्ध कभी न किया हो — वर्षों से पितरों का श्राद्ध छोड़ दिया हो।
- 5संतान सुख न हो — पितृ दोष के कारण।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
श्राद्ध विधि
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।