का सरल उत्तर
नौ दिनों की पूजा के बाद कलश का जल 'ऊर्जाकृत जल' बन जाता है। इसे मार्जन (छिड़काव) के रूप में शरीर, मन और घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर करने के लिए इस्तेमाल करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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