का सरल उत्तर
नवआवरण पूजा = श्री चक्र के 9 आवरणों की क्रमशः पूजा। प्रत्येक आवरण = एक विशिष्ट देवी समूह + मुद्रा + योगिनी + त्रिपुर सुंदरी के एक विशेष स्वरूप + मंत्र। फल: चेतना का ब्रह्मांडीय ऊर्जा से संरेखण + आंतरिक शुद्धि + सिद्धि।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।