का सरल उत्तर
हाँ (लोक परंपरा) — कृतज्ञता, दृष्टि दोष निवारण, पवित्रता। मूर्ति सामने रखें, 'ॐ' बोलें, फिर पहनें। शास्त्रीय अनिवार्यता नहीं, पर कृतज्ञता सदैव शुभ।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।