का सरल उत्तर
नीलकंठ महादेव भगवान शिव का वह स्वरूप है जिसमें उन्होंने जगत कल्याण के लिए कालकूट विष पीकर अपने कंठ में धारण किया — यह उनकी परम करुणा और त्याग का प्रतीक है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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