पाप क्षमा कैसे होता है हिंदू धर्म में?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
गीता (18.66): ईश्वर शरणागति से सभी पाप क्षम्य। गीता (9.30): दुराचारी भी अनन्य भक्ति से साधु बन जाता है। गीता (4.36): ज्ञान की अग्नि सभी कर्म भस्म करती है। सच्चा पश्चाताप + भक्ति + प्रायश्चित = पाप क्षमा।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
धर्म मार्गदर्शन
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।