का सरल उत्तर
पंचाक्षर मंत्र जप से साधक अपने भीतर के पंच-तत्वों को ब्रह्मांड के पंच-महाभूतों के साथ सामंजस्य में लाकर अपने शरीर और चेतना को ब्रह्मांडीय व्यवस्था के साथ एकाकार करता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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