का सरल उत्तर
पंचोपचार पूजा दीक्षा की आत्मा है — यह आत्म-शुद्धि और ऊर्जा-संरेखण की वह प्रक्रिया है जो पात्र को गुरु कृपा धारण करने योग्य बनाती है। जैसे तैयार भूमि में मंत्र-बीज ही आत्म-साक्षात्कार के वृक्ष में फलता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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