का सरल उत्तर
पिण्डदान के भागों से प्रेत के अंग बनते हैं, यमदूत संतुष्ट होते हैं और प्रेत को क्षुधा-शांति मिलती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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