का सरल उत्तर
यह केवल प्रतीक नहीं, बल्कि श्राद्ध और तर्पण में हविष्य को पितरों तक पहुँचाने वाला कर्मकाण्डीय तंत्र है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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