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सरल उत्तर

पितृ विसर्जनी अमावस्या पर तर्पण कैसे करें?

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सर्वपितृ अमावस्या तर्पण: आश्विन अमावस्या (पितृ पक्ष अंतिम)। सभी पितरों हेतु। विधि: कुतप काल → दक्षिण मुख → अपसव्य → तिल-जौ-कुश-जल तर्पण (प्रति पितर 3 बार) → पिण्डदान → ब्राह्मण भोज → कौवा-गाय-कुत्ते को भोजन → दान। गया सर्वश्रेष्ठ।

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श्राद्ध-पितृ कर्म

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