पितृपक्ष में क्या करना चाहिए और क्या नहीं
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
करें: श्राद्ध-तर्पण, पिण्डदान, ब्राह्मण भोजन, दान, गौ सेवा, कौवे को भोजन, सात्विक आचरण। न करें: विवाह/शुभ कार्य, नई खरीदारी, माँसाहार-मद्यपान, क्रोध-कलह, मसूर-लहसुन-प्याज (श्राद्ध भोजन में)। मूल भावना: पितरों के प्रति श्रद्धा।
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श्रेणी
श्राद्ध कर्म
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