का सरल उत्तर
अंतर: प्रातः हवन = सूर्य का प्राधान्य → 'ॐ सूर्यो ज्योतिर्ज्योतिः सूर्यः स्वाहा' आदि मंत्र। सायं हवन = अग्नि का प्राधान्य (सूर्य छिपने पर) → 'ॐ अग्निर्ज्योतिर्ज्योतिरग्निः स्वाहा' आदि मंत्र। दोनों समय ब्रह्मांडीय शक्तियों का स्वरूप भिन्न।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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