का सरल उत्तर
प्रमुख प्रातःकालीन राग हैं — भैरव (शांति-स्मरण), जोगिया (वैराग्य-भोर), ललित (व्याकुलता-खोज), रामकली (भक्ति) और बिलावल (उत्साह)। इन रागों में कोमल स्वर भोर की नरमी का अनुभव कराते हैं और मन को दिन के आरंभ में ईश्वर की ओर केंद्रित करते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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