का सरल उत्तर
प्रमुख प्रातः स्मरण: (1) करदर्शन — 'कराग्रे वसते लक्ष्मीः' (नेत्र खुलते ही)। (2) भूमि प्रणाम — 'समुद्रवसने देवि' (पैर रखने से पहले)। (3) त्रिदेव-नवग्रह — 'ब्रह्मा मुरारिस्त्रिपुरान्तकारी... कुर्वन्तु सर्वे मम सुप्रभातम्'। (4) शंकराचार्य कृत — 'प्रातः स्मरामि हृदि संस्फुरदात्मतत्त्वम्'। शान्त मन से स्पष्ट उच्चारण करें।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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