का सरल उत्तर
अंतिम पिण्ड हाथ में रखने के बाद आत्मा प्रेत कहलाती है और प्रेतत्व शुरू होता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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