का सरल उत्तर
केले के पत्ते में विष्णु का वास माना जाता है। यह सबसे शुद्ध प्राकृतिक पात्र है जिस पर नैवेद्य रखने से भोग पवित्र रहता है। इसमें पॉलिफेनोल्स होते हैं जो भोजन को एंटीऑक्सीडेंट गुण देते हैं। सत्यनारायण-भोग और यज्ञ में इसका उपयोग अनिवार्य है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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