का सरल उत्तर
शबरी ने वर्षों तक निष्काम भक्ति और गुरुवाक्य पर विश्वास रखते हुए राम की प्रतीक्षा की। चख-चखकर मीठे बेर अर्पित किए। राम ने प्रेम से स्वीकार किए। संदेश — भक्ति में जाति नहीं, प्रेम देखा जाता है; एकाग्र समर्पण ही सर्वोच्च भक्ति है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।