रत्न अभिमंत्रण क्या होता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
अभिमंत्रण में रत्न को स्वच्छ आसन पर स्थापित करके संकल्प लेकर अधिष्ठात्री देवी का मंत्र 108 बार जपते हैं — प्रत्येक उच्चारण से देवी की प्राण-शक्ति रत्न में स्थापित होकर उसे जड़ से चैतन्य बनाती है।
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अभिमंत्रण और प्राण प्रतिष्ठा
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