का सरल उत्तर
ऋग्वेद 10.127। रात्रि पूजा, नवरात्रि(कालरात्रि), दीपावली, अमावस्या। रात्रि भय/चोर/नकारात्मकता दूर। दुर्गा सप्तशती अंग।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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