रवि पुष्य नक्षत्र योग में पूजा का क्या विशेष महत्व है
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
रवि पुष्य = रविवार + पुष्य नक्षत्र (सर्वश्रेष्ठ)। अत्यन्त दुर्लभ, स्वयंसिद्ध शुभ। पूजा = अनन्त फल। स्वर्ण/रत्न खरीद, व्यापार आरम्भ, मंत्र दीक्षा, गृह प्रवेश। लक्ष्मी-सूर्य पूजा विशेष। वर्ष में कुछ बार ही।
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