का सरल उत्तर
रुद्राभिषेक का आध्यात्मिक महत्त्व: वेद-प्रमाणित सर्वोच्च पूजा (श्री रुद्रम् = तैत्तिरीय संहिता)। काश्मीर शैवागम: 'अहं शिवः' — चेतना का शिव-चेतना से मिलन। पंचभूत-शुद्धि। नाद-शक्ति (वेद-मंत्र = वातावरण-शुद्धि)। अहंकार-विसर्जन। शिव-शक्ति संतुलन। बाहरी क्रिया नहीं — आत्मा की शिव-यात्रा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।