का सरल उत्तर
धुन्धुकारी का प्रेत सात गांठों वाले बांस में था; भागवत कथा से रोज एक गांठ फटी और सातवें दिन उसे मुक्ति मिली।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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