का सरल उत्तर
सरस्वती को नैवेद्य: बेसन के लड्डू, केसरिया हलवा, हल्दी/केसर युक्त पीले मीठे चावल। मंत्र: 'शर्कराघृत संयुक्तं मधुरं स्वादुचोत्तमम्...' भाव: ईश्वर के दिए अन्न को कृतज्ञतापूर्वक उन्हें ही वापस लौटाना।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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