का सरल उत्तर
सर्प सूक्त कृष्ण यजुर्वेद की तैत्तिरीय संहिता में है। ऋग्वेद के खिल सूक्त में भी इसका विस्तार मिलता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।