सर्वे भवन्तु सुखिनः श्लोक का अर्थ और महत्व
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सर्वे भवन्तु सुखिनः = सभी सुखी हों, निरोग हों, शुभ देखें, कोई दुःखी न हो। 'सर्वे' = कोई भेद नहीं — सार्वभौमिक प्रार्थना। 'वसुधैव कुटुम्बकम्' भावना। चार स्तरीय कल्याण: मानसिक सुख, शारीरिक स्वास्थ्य, सौभाग्य, दुःख मुक्ति।
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