का सरल उत्तर
हां — स्मार्त/समन्वयवादी परंपरा में दोनों की एक साथ पूजा वैध। सामग्री भेद रखें: तुलसी = शालिग्राम, बेलपत्र = शिवलिंग। शंख = शालिग्राम, शिवलिंग पर वर्जित। शिवलिंग का निर्माल्य ग्रहण न करें, शालिग्राम का कर सकते हैं। कुछ सम्प्रदायों में भिन्न मत है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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