शिव के त्रिपुरांतक रूप का वर्णन शिव पुराण में कैसे है
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
त्रिपुरांतक = तीन पुरों का अंत करने वाले। तीन असुर-पुत्रों के सोने-चाँदी-लोहे के तीन नगरों को शिव ने एक ही बाण से नष्ट किया। इसके बाद आनंद में शिव ने तांडव किया — यहीं से नृत्य का उद्भव माना जाता है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
शिव रूप महिमा
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।