शिव के तीसरे नेत्र का ध्यान कैसे करें?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
भ्रूमध्य (आज्ञा चक्र) पर ध्यान केंद्रित। पद्मासन में, आंखें बंद, शिव के ज्योतिर्मय तीसरे नेत्र की कल्पना। 'ॐ' दीर्घ जप। 10-30 मिनट। महामृत्युंजय मंत्र सहायक। लाभ: अंतर्दृष्टि, एकाग्रता, आज्ञा चक्र जागरण। अत्यधिक जोर से न करें।
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