शिव की पूजा में ब्राह्म मुहूर्त का क्या विशेष महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
सूर्योदय ~96 मिनट पूर्व। सात्विक ऊर्जा अधिकतम, मन शांत, प्राणवायु शुद्ध। 'ब्रह्म' मुहूर्त = शिव (ब्रह्म) का समय। कुंडलिनी ध्यान सर्वाधिक प्रभावी। महाकालेश्वर भस्म आरती इसी समय।
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