का सरल उत्तर
पुष्पदंत रचित — पापनाश, भक्ति गहनता, ज्ञान वृद्धि, वाणी शुद्धि, मनोकामना पूर्ति। 43 श्लोक, प्रातः/संध्या में पाठ। 40 दिन नियमित पाठ से विशेष फल। सावन/शिवरात्रि पर विशेष।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।